इनकम टैक्स कैलकुलेटर — हिंदी गाइड FY 2026-27

इनकम टैक्स FY 2026-27 हिंदी गाइड। पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब, टैक्स बचाने के तरीके और कैलकुलेटर। CBDT नवीनतम अपडेट।

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Calculator200 Editorial Team — August 2026

Calculator200 संपादकीय टीम
विशेषज्ञ-सत्यापित | अगस्त 2026 | स्रोत: CBDT, आयकर विभाग

इनकम टैक्स कैलकुलेटर आपको बताता है कि FY 2026-27 (AY 2027-28) में आपकी सैलरी पर कितना टैक्स लगेगा — पुरानी टैक्स व्यवस्था और नई टैक्स व्यवस्था दोनों में। यह आपको यह भी बताता है कि कौन सी व्यवस्था में आपका ज़्यादा फायदा है।

FY 2026-27 — नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब

आय (सालाना)टैक्स दर (नई व्यवस्था)
₹0 – ₹4,00,0000% (शून्य)
₹4,00,001 – ₹8,00,0005%
₹8,00,001 – ₹12,00,00010%
₹12,00,001 – ₹16,00,00015%
₹16,00,001 – ₹20,00,00020%
₹20,00,001 – ₹24,00,00025%
₹24,00,001 से ऊपर30%

नई व्यवस्था में ₹7 लाख तक की आय पर धारा 87A के तहत टैक्स रिबेट मिलती है — यानी ₹7 लाख तक कोई टैक्स नहीं।

FY 2026-27 — पुरानी टैक्स व्यवस्था के स्लैब

आय (सालाना)टैक्स दर (पुरानी व्यवस्था)
₹0 – ₹2,50,0000% (शून्य)
₹2,50,001 – ₹5,00,0005%
₹5,00,001 – ₹10,00,00020%
₹10,00,001 से ऊपर30%

कौन सी व्यवस्था बेहतर है? — ब्रेक-इवन पॉइंट

अगर आपकी कुल कटौतियां (HRA + 80C + 80D + होम लोन ब्याज + NPS) ₹3.75 लाख से ज़्यादा हैं, तो पुरानी व्यवस्था फायदेमंद है। अगर कम हैं, तो नई व्यवस्था बेहतर है।

उदाहरण — ₹12 लाख सैलरी:
नई व्यवस्था: Standard Deduction ₹75,000 → कर योग्य आय ₹11.25 लाख → टैक्स ≈ ₹63,750
पुरानी व्यवस्था (कटौती ₹4 लाख के साथ): कर योग्य आय ₹8 लाख → टैक्स ≈ ₹75,000
→ इस केस में नई व्यवस्था ₹11,250 सस्ती पड़ती है

टैक्स बचाने के मुख्य तरीके — 2026

📌 2026 का सबसे बड़ा बदलाव: नई व्यवस्था में Standard Deduction ₹50,000 से बढ़कर ₹75,000 हो गई है। इससे नई व्यवस्था पहले से ज़्यादा फायदेमंद हो गई है। अगर आपकी कटौतियां ₹3.75 लाख से कम हैं, तो नई व्यवस्था चुनें।
📚 डेटा स्रोत
RBIEPFOआयकर विभागSEBI

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FY 2026-27 में ₹10 लाख सैलरी पर कितना टैक्स लगेगा?
नई व्यवस्था में: Standard Deduction ₹75,000 घटाने के बाद कर योग्य आय ₹9.25 लाख। टैक्स = ₹5,000 (4-8L पर 5%) + ₹12,500 (8-9.25L पर 10%) = ₹17,500 + 4% सेस = ₹18,200 लगभग। पुरानी व्यवस्था में कटौतियों पर निर्भर करेगा।
क्या सभी को ITR भरना ज़रूरी है?
अगर आपकी सालाना आय ₹2.5 लाख (पुरानी व्यवस्था) या ₹3 लाख (नई व्यवस्था) से ज़्यादा है, तो ITR भरना अनिवार्य है। इसके अलावा अगर TDS कटा है, विदेश यात्रा पर ज़्यादा खर्च किया है, या बैंक में ₹1 करोड़ से ज़्यादा जमा किया है तो भी ITR ज़रूरी है।
NPS में निवेश से कितनी टैक्स छूट मिलती है?
NPS में तीन तरह की छूट मिलती है: धारा 80CCD(1) में 80C की ₹1.5 लाख सीमा के भीतर, धारा 80CCD(1B) में अतिरिक्त ₹50,000 (80C से अलग), और धारा 80CCD(2) में नियोक्ता के NPS योगदान पर (सैलरी का 14% तक, सरकारी कर्मचारी)।
पुरानी व्यवस्था में HRA छूट कैसे मिलती है?
HRA छूट तीन में से जो कम हो: (1) वास्तविक HRA जो मिला, (2) मूल वेतन का 50% (मेट्रो शहर) या 40% (अन्य शहर), (3) वास्तविक किराया – मूल वेतन का 10%। इसके लिए किराए की रसीद और मकान मालिक का PAN (₹1 लाख/वर्ष से अधिक किराए पर) ज़रूरी है।
ITR भरने की आखिरी तारीख क्या है?
बिना ऑडिट वाले करदाताओं के लिए: 31 जुलाई। ऑडिट वाले व्यापारियों के लिए: 31 अक्टूबर। देर से भरने पर धारा 234F के तहत ₹1,000 से ₹5,000 तक जुर्माना लग सकता है।

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