ग्रेच्युटी कैलकुलेटर — सम्पूर्ण हिंदी गाइड 2026

ग्रेच्युटी कैलकुलेटर हिंदी में। Payment of Gratuity Act फ़ॉर्मूला, 5 साल नियम, टैक्स छूट ₹20 लाख और ग्रेच्युटी न मिले तो क्या करें। 2026 गाइड।

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📅 अगस्त 2026⏱ 7 मिनट🇮🇳 भारत✅ सत्यापित
भाषा: 🇮🇳 हिंदी 🇺🇸 English

Calculator200 Editorial Team — August 2026

Calculator200 संपादकीय टीम
विशेषज्ञ-सत्यापित | अगस्त 2026 | स्रोत: श्रम मंत्रालय, EPFO

ग्रेच्युटी वह राशि है जो एक नियोक्ता अपने कर्मचारी को लंबी सेवा के पुरस्कार के रूप में देता है। Payment of Gratuity Act 1972 के तहत 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में 5 साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी अनिवार्य है।

ग्रेच्युटी का फ़ॉर्मूला

Act के अंतर्गत (Covered): ग्रेच्युटी = (अंतिम मूल वेतन + DA) ÷ 26 × 15 × सेवा वर्ष

Act के बाहर (Not Covered): ग्रेच्युटी = (अंतिम मूल वेतन + DA) ÷ 30 × 15 × सेवा वर्ष

उदाहरण:
अंतिम मूल वेतन + DA: ₹50,000/माह | सेवा: 10 वर्ष 7 महीने (11 वर्ष माने जाएंगे)
ग्रेच्युटी = (50,000 ÷ 26) × 15 × 11 = ₹3,17,308
अगर ÷30 फ़ॉर्मूला हो: ₹2,75,000 — ₹42,308 कम!

5 साल की शर्त — एक महत्वपूर्ण नियम

ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की निरंतर सेवा ज़रूरी है। लेकिन मद्रास हाईकोर्ट के अनुसार — अगर आपने 4 साल और 240 दिन (लगभग 4 साल 8 महीने) काम किया है, तो यह 5 साल माना जाता है। कई कंपनियां इसे नहीं मानतीं — लेकिन कानूनी रूप से आप ग्रेच्युटी के हकदार हैं।

आंशिक वर्ष की गणना

ग्रेच्युटी पर टैक्स — कितना देना होगा?

कर्मचारी प्रकारटैक्स-फ्री सीमाउससे ऊपर
सरकारी कर्मचारी100% टैक्स-फ्रीकोई टैक्स नहीं
Private (Act के तहत)₹20 लाख तकसामान्य टैक्स स्लैब
Private (Act के बाहर)₹20 लाख तकसामान्य टैक्स स्लैब

ग्रेच्युटी कब नहीं मिलती?

📌 टिप: नौकरी छोड़ते समय Form I में ग्रेच्युटी के लिए लिखित आवेदन करें। कंपनी को 30 दिन के भीतर भुगतान करना होता है। देरी पर 8-10% वार्षिक ब्याज मिलता है।
📚 डेटा स्रोत
RBIEPFOआयकर विभागSEBI

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ग्रेच्युटी में ÷26 क्यों होता है ÷30 क्यों नहीं?
26 इसलिए क्योंकि महीने में 4 रविवार घटाने के बाद 26 कार्य दिवस होते हैं। Payment of Gratuity Act 1972 के तहत 26 का उपयोग अनिवार्य है। जो कंपनियां Act के दायरे में नहीं आतीं वे 30 का उपयोग करती हैं जिससे कम ग्रेच्युटी मिलती है।
क्या प्राइवेट कंपनी में ग्रेच्युटी मिलती है?
हाँ। 10 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाली सभी प्राइवेट कंपनियों पर Payment of Gratuity Act लागू होता है। 5 साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी देना कानूनी रूप से अनिवार्य है। न देने पर कर्मचारी श्रम न्यायालय में शिकायत कर सकता है।
मृत्यु या अपंगता पर ग्रेच्युटी के क्या नियम हैं?
मृत्यु या स्थायी अपंगता की स्थिति में 5 साल की न्यूनतम सेवा की शर्त माफ होती है। 1 साल की सेवा के बाद भी पूरी ग्रेच्युटी मिलती है। इस स्थिति में नॉमिनी या कानूनी वारिस को भुगतान होता है।
ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा क्या है?
₹20 लाख तक की ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री है। इससे ऊपर की राशि पर सामान्य आयकर लगता है। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है और पूरी राशि टैक्स-फ्री होती है।
ग्रेच्युटी न मिले तो क्या करें?
पहले लिखित में HR को याद दिलाएं। 30 दिन बाद भी न मिले तो अपने क्षेत्र के Labour Commissioner के पास शिकायत दर्ज करें। वहाँ से भी हल न हो तो Labour Court में केस दायर करें। कंपनी को ब्याज सहित भुगतान करना होगा।

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