📊 IPPB / India Post GDS पास-प्रीडिक्टर 2025/2026

यह टूल आपकी मार्क्स और कट-ऑफ के अनुसार अनुमान लगाता है कि आप चयनित हो सकते हैं या नहीं।

महत्वपूर्ण: यह एक निर्देशात्मक अनुमान है — अंतिम निर्णय आधिकारिक मेरिट सूची/दस्तावेज़ सत्यापन पर निर्भर करेगा।

IPPB / India Post GDS पास-प्रीडिक्टर 2025/2026 (हिंदी)

क्या आप IPPB GDS Executive या India Post GDS भर्ती 2025/2026 के लिए आवेदन किया है और यह जानना चाहते हैं कि "क्या मैं चयनित हो सकता हूँ?" या "मेरे चयन की कितनी संभावना है?" हमारा GDS पास प्रीडिक्टर टूल आपके स्कोर और कट-ऑफ के आधार पर चयन की संभावना का सटीक अनुमान लगाता है।

💡 नोट: यह टूल केवल एक अनुमान प्रदान करता है। अंतिम चयन आधिकारिक मेरिट सूची, टाई-ब्रेकर नियमों और दस्तावेज़ सत्यापन पर निर्भर करेगा।

पास/चयन के मुख्य मानदंड (सार)

  1. IPPB GDS Executive (2025): चयन अक्सर स्नातक प्रतिशत (graduation %) के आधार पर होता है; आउटलेट-वार मेरिट सूची बनाई जाती है। टाई-ब्रेक और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद अंतिम चयन होता है।
  2. India Post GDS (Gramin Dak Sevak): पारंपरिक रूप से 10वीं के अंकों (class X marks) की मेरिट के आधार पर चयन होता है; यानी उच्च 10वीं प्रतिशत वाले उम्मीदवारों का चयन पहले किया जाता है।
  3. कट-ऑफ/मेरिट: सर्कल-वार और श्रेणी-वार अलग होता है। हर सर्कल/राज्य या आउटलेट के हिसाब से कट-ऑफ अलग निकलता है और सामान्य/आरक्षित श्रेणियों के लिए अलग अंक होते हैं।
  4. टाई-ब्रेक नियम: अधिसूचना में बताए गए नियम लागू होते हैं — उदाहरण के तौर पर कुछ सूचनाओं में वरिष्ठता (seniority), आयु आदि को टाई-ब्रेक में प्राथमिकता देने का उल्लेख मिलता है। अंतिम सत्यापन (document verification) के बाद चयन पक्का होता है।

अपने स्कोर से "पास" कैसे कैलकुलेट / प्रेडिक्ट करें (सरल तरीका)

  1. पहला कदम — सही बेसलाइन चुनें: जानें कि आप किस भर्ती के लिए हैं — IPPB Executive (स्नातक %) या India Post GDS (Class X %)
  2. कट-ऑफ जानकारी जुटाएँ: उस सर्कल/राज्य और अपनी श्रेणी (GEN/OBC/SC/ST/EWS) के पिछले राउंड के कट-ऑफ देखें। अगर आधिकारिक कट-ऑफ उपलब्ध नहीं है, तो ऐतिहासिक औसत उपयोग कर सकते हैं। (कैलकुलेटर में डिफ़ॉल्ट उदाहरण मान दिए हैं)
  3. सरल गणना: diff = आपका % - कट-ऑफ %
  4. संभावना निकालना (अनुमान): आप किसी लॉजिस्टिक/सिग्मॉइड फंक्शन का उपयोग कर diff को 0–100% में मैप कर सकते हैं — यानी probability = sigmoid(k * diff) जहां k संवेदनशीलता नियंत्रित करता है। (हमने कैलकुलेटर में यही सरल मॉडल लागू किया है — यह औसत/सांकेतिक संभावना देता है, वास्तविकता मेरिट-सूची के अनुसार भिन्न होगी)

कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें (त्वरित निर्देश)

  1. कैलकुलेटर में अपना Exam चुनें (IPPB या India Post GDS)
  2. अपना % दर्ज करें (स्नातक% या class10% जैसा आवश्यक हो)
  3. अपनी Category चुनें और यदि आपको उस सर्कल का हालिया कट-ऑफ पता है तो उसे डालें — वरना फील्ड खाली छोड़ें ताकि डिफ़ॉल्ट ऐतिहासिक मान इस्तेमाल कर लिया जाए
  4. Calculate दबाएँ — टूल आपको एक सांकेतिक चयन-संभावना (%) देगा और संकेत करेगा कि आप कट-ऑफ से ऊपर हैं या नहीं

आंकड़ों की तालिका: ऐतिहासिक कट-ऑफ रेंज (अनुमानित)

परीक्षा श्रेणी कट-ऑफ रेंज (%) औसत कट-ऑफ
IPPB GDS Executive General 65-72% 68%
IPPB GDS Executive OBC 62-68% 66%
IPPB GDS Executive SC 58-65% 62%
IPPB GDS Executive ST 55-62% 60%
India Post GDS General 92-97% 95%
India Post GDS OBC 90-95% 93%

चयन संभावना की व्याख्या

  • 85-100%: चयन की बहुत अधिक संभावना
  • 60-84%: चयन की अच्छी संभावना
  • 40-59%: चयन की मध्यम संभावना
  • 20-39%: चयन की कम संभावना
  • 0-19%: चयन की बहुत कम संभावना

400-शब्द हिंदी विवरण (LLM और E-E-A-T के अनुरूप)

यहां दिया गया विवरण यह समझाने के लिए है कि IPPB / India Post GDS परिणाम कैसे काम करते हैं और आप अपने अंकों के आधार पर खुद से अनुमान कैसे लगा सकते हैं। संस्थागत चयन अक्सर मेरिट‑आधारित होते हैं: IPPB Executive के लिए सामान्यतः स्नातक (%) का उपयोग किया जाता है, जबकि पारंपरिक India Post GDS भर्ती में कक्षा दसवीं के अंक मेरिट के लिए माने जाते हैं। इससे पहले के राउंड्स और सर्कल‑वार कट‑ऑफ यह बताते हैं कि किसी विशेष सर्कल में चयन के लिए न्यूनतम कितनी प्रतिशत की आवश्यकता रही है।

एक व्यावहारिक तरीका यह है कि अपने प्राप्त प्रतिशत को संबंधित कट‑ऑफ से घटा कर देखें। यदि आपका स्कोर कट‑ऑफ से अधिक है, चयन की संभावना प्रत्यक्ष रूप से अधिक होगी; यदि कम है तो संभावना घटती है। परन्तु केवल यह तुलना पर्याप्त नहीं होती — आवेदकों की संख्या, श्रेणी‑विशेष आरक्षण, टाई‑ब्रेक नियम (यथा: डाक विभाग में सेवा की वरिष्ठता या बढ़ी उम्र) और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी बातें भी अंतिम सूची प्रभावित करती हैं।

हमारे ऑनलाइन कैलकुलेटर में एक आसान नियम लागू है: स्कोर और कट‑ऑफ के अंतर को आधार मानकर एक सिग्मॉइड (logistic) फंक्शन से 0‑100% के बीच संभाव्यता बताई जाती है। यह तरीका वास्तविक मेरिट‑सूची की जटिलताओं को पूरी तरह नहीं पकड़ता लेकिन सामान्य संकेत देता है कि आप सुरक्षित ज़ोन में हैं, किनारे पर हैं या बहुत पीछे हैं।

अच्छी तैयारी और दस्तावेज़ व्यवस्था भी जरूरी है—कई बार मेरिट में आ जाने के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन में त्रुटि या प्रमाणपत्र की कमी कारण बन सकती है। इसलिए जो स्कोर आपको कैलकुलेटर से मिलता है, उसे एक संकेत के रूप में लें और आधिकारिक मेरिट/सूचना‑पोर्टल पर अपडेट्स की जाँच जारी रखें।